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पहला कदम: जानकारी प्राप्त करें

यदि आप व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं, तो आपको जानना चाहिए कि हिसाब-किताब कैसे रखा जाए। इस जानकारी को प्राप्त करने के लिए, आपको स्कूल जाकर लेखा और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, जो आपके विशिष्ट व्यवसाय में मदद करने के लिए प्रयोग किया जाता है, दोनों को सीखना जरूरी है। इस जानकारी से आप अपनी लेखा संबंधी जरूरतों के बारे में अपने कर्मचारियों, बैंकरों और अपने स्वयं के एकाउंटेंट से होशियारी से बात कर सकते हैं।

अपने प्रतिस्पर्धियों या व्यवसाय, जिसका आप अधिग्रहण करना (या जिसके द्वारा अधिग्रहित होना) चाहते हैं, का मूल्यांकन करने के लिए भी आपको लेखा की जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है। कंपनियों के बारे में स्टॉक ब्रोकर्स या प्रमुख कार्यकारियों के साक्षात्कारों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है, लेकिन अपने सर्वाधिक सफल और सार्वजनिक प्रतिस्पर्धियों के बारे में जानकारी का सर्वोत्तम स्रोत उनकी वार्षिक रिपोर्टें पढ़ना है। बुद्धिमत्तापूर्ण निष्कर्ष निकालने के लिए आपको लेखा को समझने की जरूरत होगी। आपके स्थानीय सामुदायिक कॉलेज में एकाउंटिंग पाठ्यक्रम से आपको वह सर्वाधिक जानकारी मिलेगी जिसकी आपको जरूरत है।

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दूसरा कदम: एक एकाउंटेंट चुनें

शुरू करने से पहले आपको एक एकाउंटेंट से परामर्श करना चाहिए। यह एक प्रमाणित सार्वजनिक एकाउंटेंट (सीपीए) हो सकता है जो एकल प्रैक्टिशनर या एक बड़ी लेखा फर्म हो जो बहुत से क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान कर सकती है (और जिसकी फीस अधिक होने की संभावना है)। अन्य प्रकार का एकाउंटेंट "नामांकित एजेंट" (ईए) होता है। ईए's को इंटरनल रेवेन्यू सर्विस द्वारा संचालित एक टैक्सेशन परीक्षा पास करनी अनिवार्य है।

इस समय सीपीए या ईए की तरह बहीखातालेखकों के लिए कोई राष्ट्रीय प्रमाणन मानक नहीं हैं। इसलिए एक बहीखातालेखक चुनते समय संदर्भों का इस्तेमाल करना सबसे बढ़िया होगा। बहुत-से सीपीए's या ईए's आपको ऐसे लोगों के पास भेज देंगे जिन पर उनका विश्वास है कि वे आपकी लेखा जरूरतों में आपकी मदद कर सकते हैं। बही खाता लेखकों की श्रृंखला केवल बिलों का भुगतान करने या प्राप्तियों को संसाधित करने वालों से लेकर संपूर्ण प्रभार वाले बहीखातालेखकों तक है जो टैक्स रिटर्न तैयार करने में आपके सीपीए's या ईए के लिए बहीखाता गतिविधियों का संक्षेपण कर सकते हैं।

दूसरी तरफ, यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो व्यवसाय संगठन और आयकर तथा वेतन कर रिटर्न्स तैयार करने में आपको सलाह दे, तो संभवत: अपनी मदद के लिए आपको एक सीपीए या ईए चाहिए। अधिक "सामान्य" बहीखाता पद्धतियों को आप जानते हैं और उन्हें खुद करते हैं, तो यही बेहतर है, क्योंकि तब आप एक उच्चतर स्तर की विशेषज्ञता वहन कर सकते हैं।

आपको यह फैसला करना होगा कि कौन-सा लेखा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम आपके व्यवसाय के लिए सर्वोत्तम काम करेगा और यह फैसला लेने में आपका एकाउंटेंट मदद कर सकता है। इसका फैसला करने के लिए कुछ बढ़िया तरीके निम्नलिखित हैं:

  • अपने उद्योग में उन लोगों से पूछें, जिनके फैसले पर सॉफ्टवेयर के साथ उनके अनुभव के लिए आप विश्वास करते हैं।
  • आपका एकाउंटेंट भी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन्स को स्थापित करने और आपको प्रशिक्षण देने में मददगार हो सकता है। अथवा ऐसा करने के लिए उसके पास व्यवसायिक संपर्क हो सकते हैं।
  • सॉफ्टवेयर के लिए व्यापार पत्रिकाओं में विज्ञापन देखें और सुझावों के लिए व्यापार मेलों के बूथों पर जाएं।

वेतन संबंधी लेखा और रिपोर्टिंग अधिक जटिल है। यदि आपके पास कर्मचारी होंगे, तो अपने क्षेत्र में "पेरोल एकाउंटिंग सर्विस" प्रदाताओं को खोजें। आपका एकाउंटेंट किसी की सिफारिश कर सकता है। इस जटिल कार्यप्रणाली को उचित लागत पर बाहर से भी कराया जा सकता है।

वे तरीके जिनके जरिए आपका एकाउंटेंट बैंकर से निपटने में आपकी मदद कर सकता है:

आखिरकार आपको अपने प्रारंभिक स्रोतों के अतिरिक्त वित्तपोषण की जरूरत होगी। भावी जरूरतें उत्पन्न होने से पहले ही बैंकिंग संबंध स्थापित कर लेना महत्वपूर्ण है। आपका एकाउंटेंट:

  • नकदी प्रवाह समाधान तैयार करने में आपकी मदद कर सकता है जिनसे यह अनुमान लगेगा कि आने वाले महीनों में व्यवसाय की नकदी जरूरतें क्या होंगी।
  • आपकी व्यक्तिगत परिसंपत्तियों और दायित्वों के तुलन पत्र के साथ-साथ यह दर्शाते हुए कि प्रत्येक माह आप कितना नकदी प्रवाह अर्जित करते हैं, आय और व्यय की एक स्टेटमेंट सहित एक व्यक्तिगत वित्तीय स्टेटमेंट तैयार करने में आपकी मदद कर सकता है।
  • बैंकर से परिचय के एक स्रोत के रूप में मदद कर सकता है। यह मददगार हो सकता है क्योंकि बैंकर का एकाउंटेंट से पहले ही व्यवहार है।
  • आपके बैंकर के लिए आपकी व्यवसाय योजना को अंतिम रूप से तैयार करने में मदद कर सकता है।
  • एक साफ-सुथरे और क्रमबद्ध तरीके से वित्तीय स्टेटमेंट्स सहित यथासंभव सूचनाओं की व्यवस्था में मदद कर सकता है।
लेखाकरण प्रणालियां

शुरू करने से पहले, आपको यह फैसला करने की जरूरत होगी कि आपका व्यवसाय लेखा के किस प्रकार का प्रयोग करेगा। इसके लिए दो प्रमुख प्रकार हैं:

  • नकदी आधारित प्रणाली: जैसाकि नाम से ही पता चलता है, आप तब आय मानते हैं जब आपको नकदी मिलती है और आप तब खर्च मानते हैं जब आपको बिल मिलते हैं। अधिकांश सेवा व्यवसाय नकदी आधार पर काम करते हैं क्योंकि इसे समझना और इसकी गणना करना अधिक सरल है।
  • एक्रूअल प्रणाली: चाहे नकदी एकत्र की गई हो या नहीं, इस प्रणाली में आप राजस्व की तुलना व्यय से करते हैं। यदि आप एक ग्राहक को कोई उत्पाद बेचते हैं और वह 30 दिनों तक भुगतान नहीं करता, तो बिक्री को उसी दिन खातों में दर्ज़ कर लिया जाता है जिस दिन आपने बिक्री की थी। जब "खाता प्राप्ति" में धन आ जाता है, तो खाता नकदी में बदल जाता है। व्ययों के साथ भी यही है: यदि आप किसी महीने में व्यय करते हैं और अगले महीने तक भुगतान नहीं करते, तो व्यय को उसी महीने में हुआ माना जाएगा जिसमें व्यय किया गया है। यदि आप निर्माण क्षेत्र में हैं या मालूसची का व्यापार करते हैं, तो आंतरिक राजस्व सेवा को आमतौर पर एक्रूअल आधार पर रहने की आवश्यकता होती है।

व्यवसाय रिकॉर्डों को अलग रखना

एक छोटे-से व्यवसाय में भी, शुरू करने से पहले, आपको एक व्यवसाय खाता स्थापित करना चाहिए, चाहे आप उसके एकमात्र स्वामी ही क्यों न हों। अपने व्यवसायिक रिकॉर्डों को अपने व्यक्तिगत रिकॉर्डों से अलग रखना महत्वपूर्ण होगा। इससे समय आने पर आयकर के लिए रिकॉर्डों को इकट्ठा करना आपके और आपके एकाउंटेंट के लिए आसान हो सकेगा। आपका एकाउंटेंट आपका व्यवसाय चलाने के लिए आपके जांच खातों और/अथवा बचत खातों की स्थापना सहित आपकी कंपनी के खातों को तैयार और स्थापित करने में आपकी मदद कर सकता है।

कर दायित्व संबंधी मुद्दे:

कर दायित्व संबंधी अनेक ऐसे मामले हैं जिनसे आपको और आपके एकाउंटेंट को निपटने की जरूरत होगी:

  • आयकर यदि आप एकल स्वामी के रूप में व्यवसाय प्रारंभ करते हैं, तो आप अपनी व्यवसाय संबंधी गतिविधियों को एक अनुसूची पर दर्ज़ करेंगे जो आपके आईआरएस फॉर्म 1040 जिसे अनुसूची सी कहा जाता है, के साथ संलग्न होगी। एकल स्वामी को न केवल व्यवसाय आय पर आयकर देना होगा, बल्कि एकल स्वामी को इस आय पर सामाजिक सुरक्षा कर भी देना होगा। इसे आयकर रिटर्न पर एक पृथक मद के रूप में दर्ज़ किया जाता है। नए लघु व्यवसायी सामाजिक सुरक्षा कर से कुछ हैरान हो सकते है क्योंकि वे आयकर के ऊपर सामाजिक सुरक्षा कर के लिए सकल आय के लगभग 15 प्रतिशत का भुगतान करने की उम्मीद नहीं करते। एक साझेदारी या एलएलसी के रूप में व्यवसाय करने पर एक साझेदार को स्व-रोज़गार कर के दायित्व से राहत नहीं मिलती है। आपका एकाउंटेंट अनुमान कर भुगतानों के निर्धारण में आपकी मदद कर सकता है जिससे करों का भुगतान न करने पर जुर्मानों से बचने के साथ-साथ आपके अंतिम टैक्स बिल का बोझ भी कम होगा।
  • वेतन कर यदि आपके यहां कर्मचारी हैं तो आपका एकाउंटेंट आवश्यक राज्य और फेडरल वेतन नंबरों के लिए आवेदन करने में आपकी मदद कर सकता है जिनकी आपको वेतन कर रिटर्न जमा करने के लिए जरूरत होगी। फेडरल नंबर को "फेडरल एम्प्लायर आइडेंटिफिकेशन नंबर" या एफईआईएन कहा जाता है और इन्हें फॉर्म एसएस-4 द्वारा प्राप्त किया जाता है। प्रत्येक राज्य में स्थानीय और राज्य कर भी हैं जो आवश्यक हैं। उदाहरण के लिए, कैलिफोर्निया में, आपको स्टेट आइडेंटिफिकेशन नंबर के लिए आवेदन करने की जरूरत है जो आपके द्वारा कर्मचारियों से वसूले गए विद्होल्डिंग टैक्स और राज्य विकलांगता बीमा कर के भुगतान के लिए एक खाता स्थापित करेगा। एक राज्य बेरोज़गारी कर भी है जिसका आप भुगतान करते हैं। कुछ और कर भी हैं जो सिर्फ आपकी स्थानीय स्थिति के अनुसार हो सकते हैं।

अनुदान

अनेक बार व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तपोषण के ऐसे स्रोत होते हैं जो ऐसे विभिन्न संगठनों और एजेंसियों द्वारा प्रदान किए जाते हैं जो लघु व्यवसाय के विकास को प्रोत्साहित करना चाहती हैं। आपके एकाउंटेंट को अनुदानों की जानकारी हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती लेकिन यह एक ऐसा प्रश्न हो सकता है जिसे काम पर रखने से पहले आप एक संभावित एकाउंटेंट के सामने रखेंगे। अनुदान निम्नलिखित से उपलब्ध हो सकते हैं:

  • स्माल बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (एसबीए)
  • व्यवसायों के लिए बैंकों के जरिए संचालित एसबीए गारंटीशुदा ऋण
  • फेडरल सरकार द्वारा वित्तपोषित, स्थानीय सामुदायिक बैंक
  • अल्पसंख्यक कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए उपलब्ध फेडरल अनुदान।
  • व्यापार संगठन
  • सर्विस कॉर्प्स ऑफ रिटायर्ड एग्जिक्यूटिव्स (एससीओआरई), जो एक गैरलाभकारी संगठन है जिसका उद्देश्य सफल होने में लघु व्यवसायों की मदद करना है। एससीओआरई विभिन्न व्यवसायिक विषयों पर कार्यशालाओं और सेमिनारों की पेशकश करता है और आपको ऐसे व्यक्ति से बात करने का अवसर दे सकता है जो उसी परिस्थिति से पहले गुजर चुका हो।

आंतरिक नियंत्रण

"आंतरिक नियंत्रण" का अर्थ उस नियंत्रण से है जिसकी उन निधियों के संचालन में जरूरत है जहां नकद, चैकों या क्रेडिट कार्डों के रूप में धन को वस्तुओं और सेवाओं से बदला जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यवसाय बरबादी, ठगी, बेइमान कर्मचारियों या सिर्फ लापरवाही की वजह से घाटा उठाए बिना अपनी सारी आय प्राप्त करे। आपका एकाउंटेंट आपके विशिष्ट व्यवसाय के लिए उचित नियंत्रण स्थापित करने में आपकी मदद कर सकता है।

यदि आप एक निर्माण या खुदरा व्यवसाय में हैं, तो आपको मालसूची नीति और नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत होगी, क्योंकि नकदी की तरह मालसूची भी लापरवाही या कर्मचारियों की बेइमानी के कारण तेज़ी से गायब हो सकती है। आपको बहुत जल्द प्रक्रिया में इस तरह के नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत है कि वस्तुओं और सेवाओं के लिए कौन हस्ताक्षर कर सकता है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद वस्तुओं और सेवाओं को बाहर भेजने पर कौन नियंत्रण करेगा।

संभवत: अब तक आपको यह समझ आ गया होगा कि एक एकाउंटेंट रखने की चयन प्रक्रिया में, ऐसे व्यक्ति को रखना बेहतर विचार है जिसे आपके उद्योग का अनुभव हो।

तिमाही रिटर्न

तिमाही रिटर्न प्राथमिक रूप से वेतन कर रिटर्न और बिक्री कर रिटर्न हैं। शुरूआती व्यवसायों को तिमाही वेतन कर रिटर्न दाखिल करना और कर्मचारियों के चैक से वसूले गए धन के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा करों के नियोक्ता के हिस्से को फेडरल सरकार को भेजना जरूरी है। इसी तरह, वसूले गए राज्य आयकर और राज्य बेरोज़गारी कर, नियोक्ता जिसे राज्य को भुगतान करता है, का भी लेखा-जोखा दिया जाना चाहिए। ये ऐसे मामले हैं जिन्हें आपको बिल्कुल प्रारंभ से लेना चाहिए, ताकि इन करों का सही समय सीमा में भुगतान हो और अपने कर दायित्वों का विलंब से भुगतान या भुगतान न करने के लिए आपको दंडित न किया जाए।

शुरूआती व्यवसायों में धन की कमी आम बात है। और नकदी बचाने के लिए कुछ दायित्वों के भुगतान को रोकना काफी आकर्षक लगता है। लेकिन अपने सरकारी दायित्वों के साथ आपको इस जाल में नहीं फंसना चाहिए क्योंकि अपचारित करदाताओं के मामले में सरकारी एजेंसियों को बहुत कम धैर्य होता है।

इसी प्रकार जिन राज्यों में बिक्री कर वसूला जाता है, वहां आपके द्वारा एकत्र बिक्री कर राशि को आपकी बिक्री की मात्रा के आधार पर मासिक या तिमाही आधार पर राज्यों को अग्रेषित करना जरूरी है। तिमाही रिपोर्टें यह दिखाने के लिए आवश्यक हैं कि आपने कितना कर एकत्र किया है और यह कि आपने इस धन को समय पर राज्य को दे दिया है।

बैंक खाता समाधान

हमने पहले भी सुझाव दिया है कि व्ययों और व्यवसाय आय का हिसाब-किताब रखना आसान बनाने के लिए आप पृथक व्यवसाय खाता रखें। जब आपको अपनी बैंक स्टेटमेंट प्राप्त हो, तो इस बैंक खाते का महीने में कम से कम एक बार समाधान कराना जरूरी है। ऐसा करना सीखकर आप धन बचा सकते हैं और यदि आप यह करना नहीं जानते तो आपका एकाउंटेंट आपको इसे सिखा सकता है।

समाधान का अर्थ अपनी चेकबुक में शेष राशि को लेना और इसे बैंक शेष से जोड़ना या अंकगणितीय तरीके से तुलना करना है। आपको उन दोनों शेषों में भिन्नता को भी ध्यान में रखना चाहिए जो उन चैकों के लिए देय हैं जो आपने लिखे हैं लेकिन अभी तक बैंक द्वारा समाशोधित नहीं किए गए हैं। यदि इस तरह का मामला है तो आपका चैकबुक शेष आपकी बैंक स्टेटमेंट से कम होगा क्योंकि आपके द्वारा लिखे गए कुछ चैकों को बैंक ने अभी तक देखा नहीं है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि ये लंबित चैक बैंक शेष से घटाए जाएं और परिणामिक संख्या की आपकी चैकबुक की संख्या से तुलना की जाए। जब दोनों समरूप हों तो हम कहते हैं कि खाते का समाधान कर दिया गया है।

कर्मचारी कल्याण नीति

जैसे-जैसे आप अपने व्यवसाय में कर्मचारियों को लगाते जाते हैं, आपको यह फैसले करने की जरूरत पड़ेगी कि:

  • लोग कितने घंटे काम करेंगे।
  • वे किन छुट्टियों के हकदार हैं।
  • आपकी अवकाश नीति क्या हो सकती है।
  • यदि आप कर्मचारियों के चिकित्सा व्ययों को शामिल करने या उन्हें चिकित्सा बीमा प्रदान करने का विकल्प चुनते हैं, तो आपको इस पर थोड़ा विचार करना होगा कि किस प्रकार की नीतियों आप उन्हें प्रदान करेंगे। यह एक एचएमओ, पीपीओ या अपना डॉक्टर खुद चुनें नीति हो सकती है।
  • कौन-सी चिकित्सा अवकाश नीति दी जाए। कर्मचारी जब बीमार होंगे तो आप उन्हें भुगतान करेंगे या इस समय को बिना भुगतान वाला समय माना जाएगा?

इन मुद्दों पर फैसला करने में कुछ मदद करने के लिए अनेक स्रोत हैं। इनमें शामिल हैं:

  • अपने एकाउंटेंट और वकील के साथ शुरूआत करें।
  • अपने विशिष्ट उद्योग में आपका अपना अनुभव आपकी नीति का फैसला करने में मदद करेगा। विगत में इस जैसी कंपनियों ने किन नीतियों को अपनाया था, आपकी अपनी कंपनी में इसे लागू करने पर विचार करना एक बहुत ही संभावित तरीका है, क्योंकि अपने उद्योग में आपका दूसरी फर्मों के साथ मुकाबला है।
  • एससीओआरई जैसे संगठन नीतियों और प्रक्रियाओं के बारे में फैसला लेने में मददगार हो सकते हैं।

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तीसरा कदम: अपना बहीखाता खुद लिखें!

अब तक आप एक एकाउंटेंट से परामर्श और आधारभूत लेखाकरण सीखने के लिए स्कूल जा चुके हैं। यह जानने के लिए कि लेखाकरण और नकदी प्रवाह किस प्रकार काम करते हैं, अपने शुरूआती चरण में अपना बहीखाता खुद लिखें। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि जब आप बहीखाता लिखते हैं और उन रिकॉर्डों को समझते हैं जो शामिल हैं, तो व्यवसाय के बढ़ने पर कर्मचारियों को लाने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए आप एक अधिक बेहतर स्थिति में होते हैं। तब आप अपना ज्यादा समय एक प्रबंधक स्तर पर अधिक लगा सकते हैं। यदि आपके पास एक इच्छुक पति/पत्नी या विश्वसनीय दोस्त है, तो बहीखाता लिखने में वे महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं। यह बहीखाता पद्धति का एक पक्ष है कि आप निम्नलिखित के प्रत्यायोजन पर विचार कर सकते हैं: वेतन और वेतन रिपोर्टिंग, जिसे कम कीमत पर पेरोल सर्विस प्रोवाइडर द्वारा संचालित किया जा सकता है।

यदि आप साझेदारी में हैं, तो यह आपके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि आपको व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों में घट रही घटनाओं के साथ-साथ लेखा की जानकारी हो। याद रखें कि एक साझेदारी में, सभी साझेदारों को साझेदारी करने का अधिकार होता। यदि लेखा-प्रभारी साझेदार अपना काम ठीक से नहीं करता, तो यह सभी साझेदारों को प्रभावित करेगा।

तीन प्रमुख वित्तीय स्टेटमेंट्स:

  • तुलन पत्र

    तुलन पत्र एक "ता‍त्कालिक" स्टेटमेंट है। इसे एक स्नैपशॉट की तरह सोचें। यह आपकी सभी परिसंपत्तियों सहित सभी देयताओं की सूची और आपके व्यवसाय में आपकी इक्विटी की इन दो संख्याओं के मध्य अंतर है। आप उदाहरण में देखेंगे कि तुलन पत्र को दो प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है। पहला खंड "परिसंपत्तियां" है और दूसरो खंड "दायित्व तथा स्वामि की इक्विटी" है।

     hspace= तुलन पत्र का सामान्य क्रम सर्वाधिक तरलता से न्यूनतम तरलता की ओर जाना है। दूसरे शब्दों में, "परिसंपत्तियां" के अंतर्गत, आप "मौजूदा परिसंपत्तियां" शीर्षक और पहली मद नकद देखते हैं क्योंकि नकद आपकी परिसंपत्तियों में सर्वाधिक तरल है। नकद के बाद प्राप्तियां हैं जो ग्राहकों पर आपका उधार धन है। जब आप धन प्राप्त कर लेते हैं तो प्राप्तियां नकद में बदल जाती हैं। परिसंपत्तियों में अगली मद "मालसूची" है। चूंकि माल सूची नकद या प्राप्तियों की तरह तरल नहीं है, अत: आपके तुलन पत्र में यह उनके बाद आती है। मौजूदा परिसंपत्तियों के बाद संपत्ति और उपकरण हैं जिन्हें सामान्यत: लागतों पर रखा जाता है।

    एक एकाउंटेंट द्वारा तैयार किए गए तुलन पत्र में आप "मूल्यह्रास" भी देखेंगे। मूल्यह्रास एक गैर-नकद व्यय है और यह दर्ज़ करने से कम या ज्यादा कुछ नहीं है कि समय के साथ इन परिसंपत्तियों का मूल्य कम हो जाता है।

    इस विशिष्ट वित्तीय स्टेटमेंट को एक "तुलन पत्र" कहने का एक कारण यह है कि परिसंपत्तियां हमेशा आपके दायित्वों और स्वामी इक्विटी के बराबर होती हैं। इस दोहरी प्रविष्टि वाली बहीखाता पद्धति कहते हैं और यह एक ऐसी पद्धति है जिसका हर व्यवसाय में प्रयोग किया जाता है। दोहरी प्रविष्टि वाली बहीखाता पद्धति का लेखा स्वर्ण मानक होने का कारण यह है कि यह इस बात को सुनिश्चित करने के लिए जांच करती है कि लेनदेन सही तरीके से दर्ज़ किया गया है। उदाहरण के लिए, आप सबसे पहले एक डेस्क खरीदते हैं। आपकी एक परिसंप‍त्ति कार्यालयीन उपकरण हैं। यदि आपने नकद भुगतान किया है, तो आप पर कोई दायित्व बकाया नहीं है, इसलिए उस डेस्क में आपका हित आपकी इक्विटी कहलाता है (लेज़र की दूसरी तरफ)।

    इसी प्रकार, अन्य लेनदेन परिसंपत्तियों और/अथवा दायित्वों या इक्विटी में बढ़ोतरी करेंगे। उदाहरण के लिए, मौजूदा दायित्वों (पुन:, सर्वाधिक तरल से न्यूनतम तरल) के अंतर्गत हमारे तुलन पत्र उदाहरण को देखते हुए आपका खाता देय पहली मद के रूप में सूचीबद्ध है। उसके बाद वह मद है जिसे "एक्रूड दायित्व" कहते हैं और जो आमतौर पर वेतन करों और बिक्री करों जो एक या दो महीने में देय नहीं हैं, की ओर संकेत करती है।

    मौजूदा दायित्वों के अंतर्गत ही वह ऋण भी है जो एक वर्ष में देय है। इसलिए उपकरणों के लिए भुगतान के मौजूदा 12 महीने मौजूदा दायित्व के रूप में दर्शाए जाएंगे। इसके बाद हमारे पास दीर्घावधि ऋण है जो ऐसी मदें हैं जो मौजूदा वर्ष के बाद देय हैं।

    कुल दायित्व के बाद, "स्वामी की इक्विटी's नाम वाला खंड है जो व्यवसाय में स्वामी का हित है। यदि हम व्यवसाय की सभी परिसंपत्तियों को $37,000 मान लें, और कुल दायित्व में से घटा दें तो अंतर $19,000 है। इस $19,000 की राशि में से, $13,000 पिछली आय है और $6,000 मौजूदा लेखा अवधि के दौरान अर्जित आय है, जिसके द्वारा परिसंपत्तियों और दायित्वों दोनों तथा स्वामी की इक्विटी $37,000 बनती है।

    जब बैंकर एक वित्तीय स्टेटमेंट को देखते हैं, तो उनकी दिलचस्पी विभिन्न वित्तीय अनुपातों में होती है। अनुपात एक व्यवसाय की वित्तीय सुदृढ़ता और इस बात की ओर संकेत करने में मदद करते हैं कि व्यवसाय ऋणों के भुगतान को कैसे संभालेगा। उदाहरण के लिए, मौजूदा अनुपात, मौजूदा दायित्वों द्वारा विभाजित मौजूदा परिसंपत्तियां हैं। यदि आपकी मौजूदा परिसंपत्तियां आपके मौजूदा दायित्वों से कम हैं, तो एक लाल पताका उभरेगी क्योंकि यह वर्तमान वर्ष के दौरान दिवालिएपन के जोखिम का संकेत होगा! विभिन्न उद्योगों के उनके अनुपात के विभिन्न स्तर होंगे। यह देखने के लिए आपका व्यवसाय किस प्रकार प्रतिस्पर्धा करता है, आप अपने उद्योग में अन्यों के साथ अनुपातों की तुलना कर सकते हैं। आपका बैंकर संभवत: आपकी स्वामित्व इक्विटी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी लेगा।

  • आय स्टेटमेंट (इसे "लाभ और हानि" स्टेटमेंट भी कहते हैं)

    तुलन पत्र के विपरीत, आय स्टेटमेंट एक समयावधि, जो आमतौर पर मासिक या तिमाही होती है, को कवर करती है। आमतौर पर यह दिखाने के लिए कि मौजूदा लेखा वर्ष के दौरान व्यवसाय कैसा चल रहा है, वर्ष-से-तारीख के आंकड़े भी प्रस्तुत किए जाते हैं। यहां दिखाए गए उदाहरण में, वित्तीय स्टेटमेंट छ: माह की अवधि को कवर करती है और पहले पांच महीनों तथा मौजूदा महीने का वर्ष-से-तारीख के योग के साथ-साथ मौजूदा महीने, या पूरे छ: महीने की गतिविधि दिखाती है।

     hspace= आय स्टेटमेंट और तुलन पत्र परस्पर बंधे होते हैं। तुलन पत्र पर फिर से नज़र डालें, आपको $6,000 की मौजूदा आय दिखाई देगी। आय स्टेटमें भी इसी $6,000 को दिखाती है जो कि पिछले छ: महीनों का लाभ था।

    आपकी आय स्टेटमेंट महत्वपूर्ण जानकारियां देती है। आप बिक्री के साथ-साथ उस अवधि के लिए सकल लाभ को कम करते हुए अपने व्ययों का विवरण देखेंगे। आपकी वित्तीय स्टेटमेंट जितनी नवीनतम होगी, उसका महत्व उतना ही अधिक होगा। यदि आपको कुछ गलत होता दिखाई दे रहा है, तो तत्काल कार्रवाई कर सकते हैं।

    कंप्यूटर प्रोग्राम एक बटन दबाने से ही वित्तीय स्टेटमेंट बना सकते हैं, इसीलिए आपको ऐसे कंप्यूटर कौशल और सॉफ्टवेयर सीखने की जरूरत है जो विशेष रूप से आपके व्यवसाय के उपयुक्त हों।

  • नकदी प्रवाह नियंत्रण

    नकदी आपके व्यवसाय में उसी प्रकार ऊर्जा भर देती है जैसे जेट ईंधन एक हवाई जहाज़ को में ऊंचा ले जाता है। अपनी ईंधन आवश्यकताओं का सटीक अनुमान लगाने के लिए एक पायलट बहुत सावधान होता है। आपको भी नकदी प्रवाह नियंत्रण को उतना ही महत्व देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में किसी समय यदि आपका ईंधन समाप्त हो जाता है, तो पायलट की तरह ही आप भी एक बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे।

    नकदी के लिए आपकी भावी जरूरतों के प्रक्षेपण के लिए नकदी प्रवाह नियंत्रण एक सरल तरीका है। यह आय स्टेटमेंट ही है जो आपके भविष्य को कवर करती है जो केवल नकदी दिखाने के लिए बदल दिया गया है: यह एक महत्वपूर्ण औज़ार है क्योंकि इससे आप नकदी के लिए अपनी भावी जरूरतों के पैदा होने से पहले ही उनका अनुमान लगा सकते हैं।

    नकदी प्रवाह नियंत्रण में, समय के प्रत्येक अंतराल के लिए, आप अपने भावी नकदी स्रोत (अंत:) और भावी व्ययों (बाह्य) के लिए परंपरागत अनुमान लगाते हैं। अंत: मदों के लिए कम, परंपरागत आंकड़ों का प्रयोग करें और बाह्य मदों के लिए ऊंचे अनुमानों का प्रयोग करें। प्रारंभिक अवधि के लिए (मान लें एक महीना) आप उस नकदी से प्रारंभ करते हैं जो अभी आपके पास है। इसके लिए आप अंत: मदों को जोड़ते और बाह्य मदों को घटाते हैं जिसका परिणाम महीने के अंत में नकदी के रूप में होता है। महीने के आखिर की नकदी अगले महीने के शुरू की नकदी बन जाती है।

    संलग्न नकदी प्रवाह नियंत्रण स्प्रैडशीट इस पहली अवधि के लिए अंतिम नकदी दूसरी अवधि के लिए शुरूआती नकदी बन जाती है। दूसरी अवधि की अंतिम नकदी तीसरी अवधि के लिए शुरूआती नकदी बन जाती है और इसी तरह चलता रहता है। आपके प्रक्षेपण को आने वाली 12-महीनों की अवधि के लिए बनाया जाना चाहिए। आपके बैंकर को यह दिखाकर कि तरलता बनाए रखने के लिए भावी नकदी हेतु आप पर्याप्त रूप से समझदार हैं, वित्तपोषण की आवश्यकता होने से पहले ही उसकी व्यवस्था करने के लिए प्रक्षेपण आपके लिए एक उपयोगी औज़ार होगा।

    आपके दिमाग में जो व्यवसाय है उसके लिए अपना खुद को नकदी प्रवाह प्रक्षेपण बनाने हेतु आप इस सरल नकदी प्रवाह फॉर्मेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इतना सरल होते हुए भी यह बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है!

आपकी लेखा और नकदी प्रवाह पंच सूची:
  • कम से कम मासिक या साप्ताहिक रूप से वित्तीय स्टेटमेंट तैयार करें।
  • प्रमुख आय स्टेटमेंट प्रतिशतताओं पर नज़र रखें। यदि आप निर्माण व्यवसाय में हैं, तो आपकी माल बिक्री प्रतिशतता वही होनी चाहिए जो उद्योग में आपके प्रतिस्पर्धियों की है।
  • अपनी आय स्टेटमेंट की तुलना पहले की अवधियों से करें।
  • शुरूआत करने के लिए, आपको प्रमाणित वित्तीय स्टेटमेंट्स की आवश्यकता नहीं होगी। एकाउंटेंट्स के पास स्टेटमेंट्स के तीन स्तर होते हैं: प्रमाणित, समीक्षित और संकलित। अधिकतर शुरूआतों के लिए, संकलित प्रकार से काम चल जाएगा, विशेष रूप से आपका एकाउंटेंट एक पत्र, जो कहता है कि संख्याएं आपके द्वारा दी गई सूचना पर आधारित हैं, के साथ वित्तीय स्टेटमेंट तैयार करता है।
  • शुरूआत से ही, बढ़िया आंतरिक नियंत्रण बनाए रखें। बेइमानी और घाटे को रोकने के लिए अपने उद्योग में प्रयुक्त व्यवहारों को सीखें। घाटे में दुकान से सामान गायब करना और दूसरे प्रकार की चोरियां शामिल हैं, जिनका परिणाम आपकी मालसूची में "घाटे" के रूप में होता है।
  • चेक और खरीद आदेशों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार किसी को न दें।
  • वेतन करों या बिक्री करों के लिए एकत्र किए गए धन को अन्य कामों में इस्तेमाल न करें। आप आंतरिक राजस्व सेवा, सामाजिक सुरक्षा प्रशासन और आपके राज्य के बिक्री कर प्राधिकरण से संबंधित धन के ट्रस्टी होंगे। इन जिम्मेदारियों को निभाने के लिए एक "पेरोल सर्विस प्रोवाइडर" का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • याद रखें कि तरलता और धन कमाना एक ही बात नहीं है। आप लाभ कमाते हुए भी नकदी की कमी के कारण घाटे में जा सकते हैं। नकदी प्रवाह नियंत्रण सीखें और उनका इस्तेमाल करें।
  • आगे देखें और परिसंपत्तियों, उपकरणों, कर्मचारियों तथा कार्यशील पूंजी सहित प्रक्षेपित वित्तीय आवश्यकताओं की सूची बनाएं।
  • आवश्यकता होने से पहले ही धन की व्यवस्था कर लें।

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सत्र 7 के लिए व्यवसाय योजना: लेखा और नकदी प्रवाह

हम सिफारिश करते हैं कि आप इस सत्र के लिए व्यक्तिगत व्यवसाय योजना टैम्पलेट डाउनलोड कर लें, व्यवसाय योजना टैम्पलेट दस्तावेज़ 7 और इसे अभी भर लें।

सत्र 7: लेखा और नकदी प्रवाह

व्यवसाय योजना टैम्पलेट को भरने के लिए निर्देश:

  1. प्रत्येक कॉलम का बड़े अक्षरों में एक स्थाई शीर्षक है।
  2. प्रत्येक शीर्षक के नीचे "यहां प्रविष्ट करें..." से प्रारंभ होने वाला एक वाक्य है। यह जानकारी को दर्ज़ करने का सुझाव देगा। जैसे-जैसे आप ज्यादा जगह घेरते हैं, ये बॉक्स बड़े हो जाएंगे, इसलिए जरूरत के अनुसार पूरी जगह का इस्तेमाल करें।
  3. प्रत्येक बॉक्स को भरने के बाद, "यहां प्रविष्ट करें" वाक्य को मिटा दें, जिससे केवल बॉक्स का स्थाई शीर्षक और आपके द्वारा भरी गई सूचना ही रह जाएगी।

हमारा सुझाव है कि जैसे-जैसे आप पाठ्यक्रम में आगे बढ़ते जाएं,
आप व्यवसाय योजना के प्रत्येक खंड को भरें।

सभी 1-12 सत्रों के लिए टैम्पलेट को एक एकल दस्तावेज़ के रूप में आपके कंप्यूटर में डाउनलोड किया जा सकता है:

सत्र 1-12: सभी

पर्याप्त अनुसंधान परिणामों और पृष्ठभूमि सामग्री को शामिल करें। पृष्ठभूमि डाटा, अपनी आत्मकथा, चार्टों, जनसांख्यिकीय और अनुसंधान डाटा का इस्तेमाल करके इसे दिलचस्प बनाएं। जब आपकी व्यवसाय योजना पूरी हो जाए, तो इसे प्रिंट करके 12 खंडों को एकत्र कर लें।

अन्य अनेक व्यवसाय योजना फॉर्मेट पुस्तकालयों, किताबों की दुकानों और सॉफ्टवेयर में उपलब्ध हैं।

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सत्र 7 प्रश्नोत्तरी: लेखा और नकदी प्रवाह

 

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