इस सत्र में हम तीन निर्णयों के संबंध में विचार करेंगे जो प्रत्येक उद्यमी द्वारा लिए जाने चाहिएः:

  1. क्या अकेले व्यवयास करें अथवा साझेदार के साथ।
  2. व्यवसाय के लिए किस प्रकार के व्यवसाय संगठन का प्रयोग करना चाहिएः एकल स्वामित्व, साझेदारी, निगम अथवा सीमित देयता कम्पनी।
  3. किन किन पेशेवर सलाहकारों को चुनना चाहिए।

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क्या आपको साझेदार रखना चाहिए?

साझेदार शामिल करने से संबंधित आपके द्वारा निर्णय "समर्थन में" और "विरोध" में की सूची तैयार करके लिया जाना बेहतर रहेगा। किसी अन्य व्यक्ति के साथ व्यवसाय में शामिल होने के सामान्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • एक से दो भले होते हैं। दूसरे शब्दों में, आपके पास चर्चा अथवा निर्णय करने के लिए एक के स्थान पर दो व्यक्ति होते हैं।
  • आपको हर समय अपना व्यवसाय करने की आवश्यकता नहीं पडती है। आपके पास एक साझेदार होता है जो कि आपका भार हल्का कर सकता है और आप छुट्टी पर भी जा सकते हैं तथा बीमार भी हो सकते हैं।
  • आपके पास भली भांति अभिप्रेरित सहकर्मी उपलब्ध रहता है, और वह वेतन का चेक लेने वाला कोई कर्मचारी नहीं होता है।
  • साझेदार उस समय भी काफी उपयोगी साबित होते हैं जब उनके पास अनुपूरक कौशल होते हैं।
  • जब कार्य योजना के अनुसार नहीं चलता है तो उस समय पूंजी प्रदान करने और जोखिम का भार वहन करने के लिए साझेदार को शामिल करना आवश्यक भी हो सकता है।

साझेदार न रखने के संबंध में कुछ तर्कः

  • यदि व्यवसाय सफल रहता है तो आपको उससे प्राप्त होने वाली आय को विभाजित करना होगा।
  • आपका अपने व्यवसाय पर सम्पूर्ण नियंत्रण नहीं रहता है, विशेष रुप से यदि आप और आपके साझेदार को निर्णय करने में परेशानी होती है।
  • यदि व्यवसाय सफल रहता है तो आपको उससे प्राप्त होने वाले सम्मान को भी शेयर करना पडेगा।
  • यदि साझेदार का निर्णय ठीक नहीं हो तो यह आपके लिए बडा संकट साबित हो सकता है।
  • आपको व्यवसाय से हटने का खतरा हो सकता है और यदि आप सही सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते हैं तो एक साझेदार द्वारा दूसरे के हिस्से को खरीदा जा सकता है।

यह निर्णय करने में कि क्या एक विशिष्ट आदमी आपके साथ अच्छा साझेदार बन सकता है तो इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या आप दोनो की एक जैसी आदतें हैं, व्यवसाय को किस प्रकार से चलाना है क्या इस संबंध में एक जैसे उद्देश्य हैं और क्या आप दोनो कि विशेष बातें एक जैसी अथवा अनुपूरक हैं। उदाहरण के लिए, भिन्न भिन्न कार्य क्षमताओं के मायने हैं कि आप कार्यभार को बांट सकते हैं और समस्याओं के लिए बेहतर कवरेज प्रदान कर सकते हैं।

भिन्न भिन्न कार्य क्षमताओं के परिणामस्वरुप आपको प्रत्येक साझेदार को महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उसकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में वीटो शक्ति दे सकते हैं ताकि स्थिरता बनाए रखने तथा द्वन्द्वों को दूर करने में सहायता प्राप्त हो सके। अंततः संभव है कि आप यह विचार करना चाहें कि क्या आपको असहमति के समय क्रय-विक्रय समझौता होना चाहिए, तथा क्रेता द्वारा खरीदे जाने वाले व्यवसाय के हिस्से के संबंध में किस प्रकार से भुगतान किया जाएगा (और क्या साझेदार की मृत्यु की स्थिति में आप क्रय-विक्रय समझौते के वित्त पोषण के लिए बीमा का प्रयोग कर सकते हैं।)

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आपके लिए किस प्रकार का व्यवसाय संगठन बेहतर है?

चाहे आप अकेले व्यवसाय करने जा रहे हैं अथवा किसी अन्य व्यक्ति के साथ, यह आपके लिए बेहतर होगा कि आप इस बात का निर्णय करने के लिए अपने लॉयर से बात कर लें कि किस प्रकार का व्यवसाय संगठन आपके लिए बेहतर होगा। अनिवार्य रुप से आपके विकल्प और प्रत्येक स्वरुप के लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • एक एकल स्वामित्व का अभिप्राय है कि केवल एक व्यक्ति। व्यवसाय के ऋणों के लिए उसकी असीमित देयता होगी, तथा सामान्य रुप से उसके द्वारा रिपोर्ट की जाने वाली आय और व्यय के साथ साथ व्यवसाय से होने वाली आय अथवा हानि को उसकी व्यक्तिगत आय कर रिटर्न में शामिल किया जाएगा (हालांकि यह पृथक अनुसूची में होगा)। हालांकि एकल व्यवसाय स्वामित्वधारियों द्वारा साझेदारी अथवा निगम बनाने के खर्चे से बचा जाता है, लेकिन अनेक लोगों द्वारा इसी रुप में व्यवसाय को आरम्भ किया जाता है क्योंकि उन्हे संगठन के अन्य स्वरुपों की जानकारी नहीं होती है।
  • एक सामान्य साझेदारी में दो या अधिक साझेदारों की व्यवसाय के ऋणों के लिए असीमित देयता होती है। कर उद्देश्यों के लिए आय और व्यय को पृथक रिटर्न में दर्शाया जाता है, लेकिन इसके बाद प्रत्येक साझेदार द्वारा व्यवसाय से अपने लाभ अथवा हानि के यथानुपात हिस्से को एक पंक्ति के रुप में अपनी व्यक्तिगत कर रिटर्न में दर्शाया जाएगा।
  • एक सीमित साझेदारीमें प्रत्येक सामान्य साझेदार की साझेदारी के ऋणों के लिए असीमित देयता होती है, लेकिन सीमित साझेदार की साझेदारी ऋण देयता प्रत्येक द्वारा साझेदारी में किये गये अंशदान तक ही सीमित रहती है। कुछ छोटे छोटे अपवादों को छोडकर, कर उद्देश्यों के लिए रिपोर्टिग सामान्य साझेदारी के समान ही होती है।
  • एक निगमn में निवेशकों की सीमित देयता होती है। नीचे दर्शाये के अलावा, निगम में कोई भी शेयरहोल्डर निगम की देयता के प्रति उत्तरदायी नहीं होता है; लेनदारों को भुगतान निगम की सम्पत्तियों में से किया जाता है। निगम द्वारा अपने नाम से कर रिटर्न फाइल की जाती है तथा कर का भुगतान किया जाता है। यदि निगम द्वारा अपनी आय में कुछ हिस्सा लाभांश के रुप में वितरित किया जाता है तो इसके द्वारा अपने करों का परिकलन करते समय लाभांश की कटौती नहीं की जाती है, लेकिन लाभांश प्राप्त करने वाले शेयरधारकों को इन लाभांशों के संबंध में कर का भुगतान करना पडता है हालांकि निगम द्वारा अपनी आय पर कर का भुगतान कर दिया गया है। निगम को कुछ कर लाभ मिलते हैं जैसे स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को उसके द्वारा कम किया जा सकता है।
  • किसी निगम जिसके द्वारा संघीय आयकर उद्देश्यों से "S" निगम होने का चुनाव किया है उसको कर के उद्देश्य से साझेदारी फर्म के रुप में माना जाता है, हांलाकि अन्य उद्देश्यों से इसे एक नियमित निगम ही माना जाता है।
  • एक lसीमित देयता कम्पनी में इसके प्रत्येक सदस्यों की देयता सीमित होती है, लेकिन विशिष्ट रुप से इसे संघीय आयकर उद्देश्यों से इसे साझेदारी माना जा सकता है। प्रत्येक देश के कानून इस संबंध में भिन्न भिन्न हो सकते हैं कि क्या इसे देश के आय कर उद्देश्यों की दृष्टि से साझेदारी माना जाए अथवा निगम। इसका प्रबन्धन सभी सदस्यों द्वारा किया जा सकता है अथवा किसी एक या अधिक सदस्यों के हाथों में केन्द्रीय प्रबन्धन भी हो सकता है।

स्पष्ट रुप से इन नियमों में अंतर हैं तथा यह निर्धारित करने के लिए संगठन का कौन सा स्वरुप आपकी आवश्यकताओं के लिए बेहतर है, इस संबंध में प्रत्येक विशिष्ट मामले में आप अपने अटार्नी और/अथवा एकाउटेन्ट से सलाह कर सकते हैं।

अंतिम निर्णय लेने में इस एक बात पर विचार कर लेना चाहिए कि हालांकि एक निगम के शेयरधारकों की सीमित देयता होती है लेकिन यदि निगम के पास पर्याप्त निधियां नहीं हैं तो विभिन्न क्रेडिटर शेयरधारकों से व्यक्तिगत गांरटी की मांग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आपके मकान मालिक, कुछ माल के आपूर्तिकर्ता और कानून के अनुसार, कुछ पेरोल करों के लिए देयता और कर्मचारियों के लिए देयताएं शामिल हैं।

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कानून जिनसे आप प्रभावित हो सकते हैं

ऐसे अनेक कानून होते हैं जो छोटे व्यवसाय के स्वामियों पर लागू होते हैं। यह अच्छा रहेगा कि आप पेशेवर लोगों के साथ इस बात को लेकर विचार विमर्श कर लें कि कौन कौन से कानून आप लागू होते हैं, आप को अपना व्यवसाय शुरु करने के लिए कौन कौन से परमिट्स की आवश्यकता है तथा विभिन्न नियमों का अनुपालन करने के लिए कहां जाना पडेगा। आपके अटार्नी द्वारा श्रम कानूनों जैसे अवस्यकों का नियोजन, अवैध विदेशी और कार्य स्थल सुरक्षा नियमों आदि के अनुपालन में आपकी सहायता की जा सकती है। आपके एकाउन्टेन्ट द्वारा:

  • आयकर रिटर्न्स
  • फ्रेंचाइज टैक्स रिटर्न
  • रोजगार कर रिटर्न
  • विदहैल्ड तथा रोजगार करों के नियोक्ता अंश के भुगतान के समय
  • बेरोजगारी कर रिटर्नस् और भुगतान
  • बिक्री कर रिपोर्ट और भुगतान
  • के संबंध में आपकी सहायता की जा सकती है।

आपके अटार्नी द्वारा किसी व्यवसाय विशेष के लिए विशेष लाईसेन्सों तथा भवन संहिताओं और रिमाडलिग के लिए परमिट्स और जोनिग से संबंधित कानूनों, स्वास्थ्य विभाग की अपेक्षाओं तथा पर्यावरण कानूनों सहित व्यवसाय लाईसेन्सों की आवश्यकताओं के संबंध में आपकी सहायता की जा सकती है।

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आपके पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा आपकी सहायता किस प्रकार की जा सकती है?

आपका अटार्नी

उपरोक्त मदों के अलावा, आपके अटार्नी द्वारा आपके साझेदारी विलेख को तैयार किया जाना, अथवा आपके निगम को निगमित किया जाना, जिसमें स्टाक को जारी करना तथा सेक्रेटरी ऑफ स्टेट तथा डिपार्टमैन्ट ऑफ कॉर्पोरेशन्स के पास उचित दस्तावेज फाइल किये जाने का कार्य किया जाना चाहिए। वह आपकी स्वामित्व के सर्वश्रेष्ठ स्वरुप के संबंध में सलाह दे सकता है/सकती है, एक मौजूदा व्यवसाय को खरीदने में मोल-भाव करने में आपकी सहायता की जा सकती है और यदि आप फ्रेंचाइज खरीद रहे हैं तो दस्तावेजों की समीक्षा का जा सकती है। उसके द्वारा क्रय-विक्रय समझौतों के संबंध में आपकी सहायता की जा सकती है और उचित दस्तावेज तैयार किये जा सकते हैं।

यदि आपके व्यवसाय के लिए कार्यालय, स्टोर अथवा कारखाने को किराये पर लिया जाना है तो आपके अटार्नी द्वारा आपके पट्टा दस्तावेजों की समीक्षा और अनुमोदन किया जाएगा। एक पट्टा बाध्यता आपकी सबसे बडी देयता साबित हो सकती है और आपके अटार्नी द्वारा उचित तथा संरक्षात्मक शर्तों के लिए बातचीत की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप विकास की आशा करते हैं तो आपके पट्टा विलेख में इस बात का प्रावधान होना चाहिए कि विस्तार आवश्यकताओं पर किस प्रकार से कार्यवाही की जाएगी।

आपके नये व्यवसाय में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के संरक्षण के लिए विशेषज्ञ विधि सलाह की आवश्यकता हो सकती है। बौद्धिक सम्पदा में आपके व्यवसाय के नाम, ट्रेडमार्कस्, कापीराइट्स और पेटेन्टों के संबंध में आपके स्वामित्वाधिकार शामिल होते हैं। बौद्धिक सम्पत्ति कानून एक विशेषज्ञता से परिपूर्ण क्षेत्र है तथा आपको एक ऐसे अटार्नी की आवश्यकता हो सकती है जो इन विषयों में विशेषज्ञता रखता हो।

आपका एकाउन्टेन्ट

व्यवसाय आरम्भ करते समय लिये जाने वाले निर्णयों के संबंध में आपका एकाउन्टेन्ट एक महत्वपूर्ण सलाहाकार हो सकता है जिनमें निम्नलिखित निर्णय शामिल हो सकते हैं:

  • आपके द्वारा निगम में अंशदान की जाने वाली पूंजी के स्टाक और ऋणों के बीच उचित विभाजन का निर्णय लेना
  • स्वामित्व के सर्वश्रेष्ठ स्वरुप का निर्धारण करना
  • लेखांकन उद्देश्यों से कम्प्यूटर की आवश्यकताओं के संबंध में सलाह देना।
  • लेखांकन के उद्देश्यों से कम्प्यूटर सम्बंधी आवश्यकताओं के सम्बंध में सलाह देना

एकाउन्टेन्ट की कर रिटर्न्स को जमा करने, स्वामियों के वेतन आदि के संबंध में सलाह देने, नकदी की आवश्यकता का पूर्वानुमान मे सहायता करने, साथ ही क्या विस्तार करना चाहिए, कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि करनी चाहिए और क्या आप इस उद्यम में वास्तव में पैसा कमा रहे हैं, आदि के बारे में सतत् भूमिका होगी।

आपके पेरोल सर्विस प्रोवाइडर

"पेरोल सर्विस प्रोवाइडर" द्वारा मानव संसाधन (एच आर) विभाग के दायित्व लिये जा सकते हैं। वह आपके निम्न कार्यों की देखभाल कर सकते हैं:

  • कर जमाओं सहित पेरोर, पेरोल कर रिटर्न्स और रिपोर्ट्स
  • कर्मचारी हैंडबुक तैयार करना
  • कर्मचारियों को नौकरी पर रखने, साक्षात्कार करने, अनुशासन बनाए रखने और प्रशिक्षण में सहायता
  • लाभ प्रबन्धन
  • बेरोजगारी बीमा प्रबन्धन

आपका पेंशन प्लान मैनेजर

व्यवसाय स्वामी के रुप में आप अपने तथा अपने कर्मचारियों के लिए टैक्स डैफर्ड पेंशन प्लान के लाभों में हिस्सेदारी कर सकते हैं। अच्छी पेंशन प्लानिग से अच्छे कर्मचारियों को अपने पास कार्य पर बने रहने में सहायता प्राप्त होती है। कुछ पेरोल सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा पेंशन प्लान प्रबन्धन का कार्य भी किया जाता है।

आपके पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा निम्नलिखित के संबंध में सलाह प्रदान करके आपके व्यवसाय को तैयार करने में सहायता प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया जा सकता है:

  • संगठन का उचित स्वरुप
  • प्रत्येक साझेदार की भूमिकाओं का आवंटन करना उदाहरण के लिए प्रत्येक पक्ष के पास कितना नियंत्रण होगा।
  • किन किन क्षेत्रों में प्रत्येक साझेदार की प्राथमिक भूमिका होगी तथा प्रत्येक पक्ष के पास कितना स्वामित्व होगा।

मौजूदा व्यवसाय के अधिग्रहण के संबंध में, उनको प्रस्तावित सौदे के अच्छे और खराब पहलूओं की सलाह देनी चाहिए तथा विक्रेता और उसके अटार्नी के साथ बातचीत में सहायता देनी चाहिए।

अंततः व्यवसाय के आरम्भ में और यदि व्यवसाय सफल रहता है और आप विस्तार करने का निर्णय लेते हैं तो दोनो ही स्थितियों में कितनी अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होगी, उन्हे आपको पूंजी की आवश्यकता के संबंध में सलाह देनी चाहिए।

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सुझाए जाने वाले कार्यकलापः

  • इससे पूर्व की आप व्यवसाय आरम्भ करें, लायर्स, एकाउन्टेन्ट और बीमा एजेन्टों के संबंध में रेफरल और संदर्भ एकत्र कर लें ताकि आप उनकी सेवाओं की आवश्यकताओं से पूर्व ही सबसे उचित पेशेवर सलाहकार का चयन कर सकें। संभव है कि उनके द्वारा यह सोचते हुए कि आप उनके पेशेवर टीम के सदस्य हैं, आपको आरम्भ में मुफ्त सलाह मशविरा प्रदान किया जाए।

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सत्र 4 के लिए व्यवसाय योजनाः संगठन/p>

हम हृदय से यह सिफारिश करते हैं कि आप इस सत्र के लिए व्यक्तिगत व्यवसाय योजना टैम्प्लेट को डाउनलोड कर लें। व्यवसाय प्लान टैम्प्लेट दस्तावेज 4 और इसे अभी पूरा करें।

सत्र 4 : संगठन और पेशेवर सलाहकार

व्यवसाय प्लान टैम्प्लेट को भरने के संबंध में अनुदेश:

  1. प्रत्येक बाक्स में बडे अक्षरों में एक स्थाई शीर्षक है।
  2. प्रत्येक शीर्षक के नीचे एक वाक्य है जिसमें यह वाक्य जोडा गया है "यहां शामिल करें…" । इसमें शामिल की जाने वाली सूचना का सुझाव दिया गया है। जैसे जैसे आप जानकारी भरेंगे बाक्स का विस्तार होता चला जाएगा इसलिए आप चाहे जितनी जगह का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. प्रत्येक बाक्स को पूरा करने के बाद "यहां शामिल करें" वाक्य को मिटा दीजिए, जिससे बाक्स में स्थाई शीर्षक और आपके द्वारा भरी गई जानकारी ही बाकी रह जाएगी।

हम यह सुझाव देते हैं कि आप जैसे जैसे आगे बढते हैं व्यवसाय प्लान के प्रत्येक खण्ड को भरें।

1-12 सभी सत्रों के लिए टैम्प्लेट को आपके कम्प्यूटर एक ही दस्तावेज के रुप में डाउनलोड भी किया जा सकता है:

सत्र 1-12: सभी

पर्याप्त अनुसंधान निष्कर्षों और पृष्ठभूमि तथ्यों को शामिल करें। पृष्ठभूमि आंकडों, अपनी बायोग्राफी, चार्ट्स, जनसांख्यिकी और अनुसंधान आंकडों को शामिल करते हुए इसे अधिक रुचिकर बनाएं। जब आपका व्यवसाय योजना पूरी हो जाती है तो तो इसका प्रिट लें तथा सभी 12 सत्रों को एकत्र कर लें।

पुस्तकालयों, बुकस्टोर्स और साफ्टवेयर के रुप में अनेक अन्य व्यवसाय प्लान स्वरुप भी उपलब्ध है.

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सत्र 4 : संगठन और पेशेवर सलाहकार

 

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